कैथी संगम तट सवा लाख दीपों से आलोकित, गंगा आरती और भक्ति सुरों ने बांधा समां
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। देव दीपावली के पावन अवसर पर बुधवार की शाम चौबेपुर क्षेत्र का गंगा-गोमती संगम तट अलौकिक प्रकाश से जगमगा उठा। कैथी स्थित श्री मार्कण्डेय महादेव घाट से संगम तक फैली सवा लाख दीपों की अद्भुत श्रृंखला ने ऐसा दृश्य बनाया, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और गंगा तट पर गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
मां जान्हवी प्रज्ञा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस दीपोत्सव की तैयारियां दोपहर से ही शुरू हो गई थीं। महिलाएं और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ घाट पर दीपों की रंग-बिरंगी आकृतियां सजाईं। सूर्यास्त होते ही दीप प्रज्ज्वलन का क्रम प्रारंभ हुआ और देखते ही देखते पूरा तट प्रकाश पुंज में बदल गया। गंगा की धारा पर तैरते दीपों की झिलमिलाहट ने दृश्य को मंत्रमुग्ध कर देने वाला बना दिया।

कार्यक्रम में गंगा महाआरती, पूजन-अर्चन और भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। वाराणसी के स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
इसी क्रम में छोटा शिवाला घाट पर स्थानीय युवकों ने आकर्षक दीपमालाएं सजाकर विशेष सौंदर्य रचा। ढाखा स्थित गौरीशंकर महादेव घाट पर पं. प्रभुनाथ चौबे के निर्देशन में 51 हजार दीपों से तट को सुसज्जित किया गया। यहां गंगा पूजन, महाआरती, प्रसाद वितरण और भंडारे के साथ भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश जी की झांकी श्रद्धा का केंद्र बनी रही।
इसके अतिरिक्त सरसौल महाकाल मंदिर घाट पर लकी फाउंडेशन और समदर्शी महाकाल सेवा समिति ने दीपोत्सव का आयोजन किया। राजवारी, चन्द्रावती और गौर उपरवार के घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने दीपदान कर देव दीपावली उत्सव को आनंद और आस्था के रंगों से सराबोर किया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज, महंत आचार्य भारत भूषण दास, प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी (पूर्व कुलपति, बीएचयू), रमाशंकर सिंह ‘देव भट्टाचार्य’, डॉ. वीर बहादुर सिंह, डॉ. विजय यादव, जितेंद्र कुमार सिंह, स्वामी हरीशानंद जी तथा प्रबंधक प्रभुनाथ चौबे सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से चौबेपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा अपने दल-बल के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे।




