रामेश्वर का ऐतिहासिक लोटा-भंटा मेला परम्परागत ढंग से सम्पन्न
वाराणसी । काशी पंचक्रोशी यात्रा के तीसरे तीर्थ पड़ाव रामेश्वर में लगने वाला ऐतिहासिक एवं परम्परागत लोटा-भंटा मेला मंगलवार को दूसरे दिन श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में सकुशल सम्पन्न हुआ।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता रामेश्वर तीर्थ पर लगा रहा। भक्तों ने वरुणा नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और फिर रामेश्वर महादेव के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने बाटी-चोखा का स्वाद लेकर मेला का आनन्द उठाया।
पहले दिन मेले में धर्मशालाओं और सड़कों पर पत्तल-पन्नों के इकट्ठा हो जाने से गंदगी फैल गई थी। खंड विकास अधिकारी राजेश सिंह के निर्देश पर सफाई कर्मियों ने युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ किया।
मेले में वाराणसी मंडल के अलावा बिहार प्रांत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा मेला क्षेत्र भक्तों, साधु-संतों और दर्शकों से खचाखच भरा रहा।
रामेश्वर मंदिर परिसर और वरुणा तट के आसपास रंग-बिरंगे परिधानों से सजे भक्तों की भीड़ आकर्षण का केंद्र बनी रही। झूले, कठपुतलियों और खिलौनों की सैकड़ों दुकानें मेले की रौनक बढ़ा रही थीं। धार्मिक आस्था और लोक परंपरा का संगम बना यह मेला देर शाम तक उल्लासपूर्वक चलता रहा।




