चौबेपुर में मिली 1200 वर्ष पुरानी एकमुखी शिवलिंग ग्रामीणों ने प्रो. वसंत शिंदे को सौंपी, लोथल म्यूजियम भेजने की तैयारी शुरू
चौबेपुर (वाराणसी)। शनिवार की सुबह चौबेपुर के ग्रामीणों ने गंगा तट से प्राप्त लगभग 1200 वर्ष पुरानी एकमुखी शिवलिंग को एनएचएमसी के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर वसंत शिंदे को हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच औपचारिक रूप से सौंपा। इस धरोहर को सौंपने वालों में कालिका प्रसाद जायसवाल, राकेश उपाध्याय, सुकृत उपाध्याय, गौरी शंकर यादव, करिया राम, अजित कुमार तिवारी, ओमप्रकाश चौबे, ललित प्रकाश चौबे और राजकुमार कन्नौजिया शामिल रहे।
प्रो. वसंत शिंदे ने प्रतिमा को प्रतिहार कालीन कला का उत्कृष्ट नमूना बताते हुए कहा कि इसे लोथल म्यूजियम में संरक्षित कर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे शोधकर्ता, विद्यार्थी और आम दर्शक चौबेपुर की इस महत्वपूर्ण विरासत को समझ सकेंगे। उन्होंने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने धरोहर की रक्षा कर एक मिसाल पेश की है।
इस अवसर पर प्रोफेसर राकेश उपाध्याय ने चौबेपुर की संस्कृति, पुरातात्विक महत्व और इलाके की प्राचीन परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए इसे “ऐतिहासिक क्षण” बताया।
रिटायर्ड डीआरएम ओमप्रकाश चौबे ने चंद्रावती व बैराट जैसे स्थलों पर भी पुरातात्विक सर्वेक्षण की जरूरत बताई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, कृषि वैज्ञानिक अखिलेश चौबे, अतुल चतुर्वेदी, विनोद चतुर्वेदी, अपूर्व कुमार तिवारी, मनीष सिंह (प्रधान), दिलीप सेठ, संतोष कन्नौजिया, दुष्यंत सिंह, वकील यादव, मनोज जी, जयप्रकाश सिंह, पूर्व प्रधान सौरभ तिवारी, सुनील जी, महेश जी, शारदा चतुर्वेदी, रमेश तिवारी, अजय गुप्ता ‘अकेला’, दिलीप चौबे, अवधेश दुबे, रमेश उपाध्याय, रुद्र नारायण चौबे, रामप्रकाश पाण्डेय, ओंकार चौबे, पवन सिंह व अजय जी शामिल रहे।
कार्यक्रम के बाद शिवलिंग को सुरक्षित पैक कर लोथल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई। समापन मधु चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत शिव रुद्राष्टकम के सुमधुर गायन से हुआ।




