कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा— उच्चस्तरीय लोगों की भूमिका संदिग्ध, हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। अधिवक्ता स्व. राजा आनंद ज्योति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बर्थरा कला स्थित दिवंगत अधिवक्ता के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
परिजनों ने अजय राय के सामने आरोप लगाया कि मामला कफ सिरप से जुड़े बड़े नेटवर्क से सम्बंधित है, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है। परिवार का कहना है कि 30 तारीख को बिसरा मिलने के बाद भी पुलिस ने उसे लगभग नौ दिनों तक प्रयोगशाला नहीं भेजा, जिससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अजय राय ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में एक अधिवक्ता के परिवार को एक वर्ष से न्याय न मिलना कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने कहा कि कफ सिरप और सेक्स रैकेट मामलों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आने से संदेह और गहरा हो गया है। यह मामला भी उच्चस्तरीय गठजोड़ की ओर संकेत करता है।
उन्होंने मांग की कि प्रकरण में संलिप्त लोगों पर हत्या (धारा 302) के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए तथा इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। उनका कहना था कि पुलिस जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि बिसरा रिपोर्ट रोके रखने से साफ प्रतीत होता है कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। यह प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही अथवा मिलीभगत का संकेत है।
अजय राय ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। दिवंगत की पत्नी भारती सिंह, नन्हें बच्चे, भाई गिरजेश सिंह, पिता उमेश सिंह और माता शोकाकुल हैं।
इस दौरान उनके साथ महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, अशोक सिंह, रोहित दुबे, परवेज खां, विनीत चौबे, सैय्यद आदिल, वीरेंद्र प्रताप सिंह, बबलू चौबे, डॉ. अमरनाथ मिश्रा, योगेंद्र सिंह, यूनुस, राजेंद्र चौबे, गिरीश त्रिपाठी सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।




