ग्रामीण अंचल में मानवाधिकारों की गूँज, मानव श्रृंखला बनाकर किया जागरूक
चोलापुर (वाराणसी)। विश्व मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को क्षेत्र में मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को यह समझाना था कि मानवाधिकार क्या हैं, क्यों मनाए जाते हैं, इनकी शुरुआत कब और कहाँ हुई तथा भारत में मानवाधिकार संरक्षण का उद्देश्य क्या है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि मानव होने के नाते व्यक्ति को जन्म से ही अनेक मूलभूत अधिकार प्राप्त होते हैं, जैसे समानता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, अभिव्यक्ति का अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार। इन्हीं अधिकारों की रक्षा और जागरूकता के लिए हर वर्ष विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।
जन विकास संस्था द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में टिसौरा, महदाँ, मंगोलेपुर, ताड़ी, धरसौना बेला और ताला ग्राम पंचायतों से कुल 95 लोगों ने भाग लिया। मानव श्रृंखला बनाकर प्रतिभागियों ने मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन का संदेश दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में पूनम, सूबेदार, सीमा, फातिमा सहित अन्य सदस्यों की प्रमुख भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति अपने अधिकार के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान कर सके।




