आरक्षण व्यवस्था में बदलाव व सवर्ण आयोग गठन की उठी मांग
वाराणसी। सवर्ण समाज से जुड़ी समस्याओं और मांगों को लेकर सवर्ण आर्मी के बैनर तले प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को कचहरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग करते हुए इसे समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि आज़ादी के बाद से लागू जाति आधारित आरक्षण के चलते सामान्य वर्ग के गरीब, बेरोजगार और जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं और अवसरों से वंचित रह जा रहे हैं।
ज्ञापन में एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस कानून के दुरुपयोग से सामान्य वर्ग के निर्दोष लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, जिससे समाज में असंतोष और तनाव की स्थिति बन रही है।
ये हैं प्रमुख मांगें: जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए।
एससी/एसटी एक्ट में संशोधन कर उसके दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जाए अथवा कानून को समान बनाया जाए।
सामान्य वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए सवर्ण आयोग का गठन किया जाए।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा (राजा), जिला संरक्षक मोहन पांडेय और जिला संयोजक संतोष कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को राष्ट्रव्यापी रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम में अखिलेश कुमार मिश्रा, आशुतोष त्रिपाठी, मोहन पांडेय, संतोष मिश्रा, प्रभांशु सिंह रूद्र, शत्रुध्न पांडेय समेत सवर्ण आर्मी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।




