समावेशी समाज से ही संभव है सच्ची सामाजिक प्रगति : वक्ता
बारियासनपुर (वाराणसी)। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर 14 दिसंबर 2025 को बारियासनपुर स्थित लोक चेतना समिति के प्रांगण में जन विकास समिति के सहयोग से एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय “समावेशी समाज से ही सच्ची सामाजिक प्रगति” रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संस्था की जिला संयोजिका पूनम ने कहा कि सामाजिक प्रगति को गति देने के लिए दिव्यांग-सम्मिलित समाजों का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न्यायपूर्ण और टिकाऊ विश्व के निर्माण के लिए दिव्यांगजनों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
संस्था के सचिव जयंत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समावेशी और टिकाऊ समाज की नींव दिव्यांग व्यक्तियों के नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता पर टिकी है। उन्होंने भविष्य निर्माण में दिव्यांगजनों की भूमिका को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता बताई।
निक्की अम्मुख फाउंडेशन से जुड़े शिवनरेश ने समावेशी वित्तपोषण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिव्यांग व्यक्तियों, उनके परिवारों और पूरे समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों की भागीदारी के बिना कोई भी समाज वास्तविक विकास हासिल नहीं कर सकता।
प्रथम संस्था से आए रामप्रवेश ने कहा कि यदि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, तो सबसे पहले परिवार और समाज की सोच में बदलाव लाना होगा।
कार्यक्रम में दर्जनों ग्राम पंचायतों से सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर लोक चेतना समिति से संतोष, साधना, बंदना, चारु एवं पूनम दीदी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




