गांगेय डॉल्फिन के साथ विदेशी परिंदों का जमावड़ा, संरक्षण को लेकर डॉल्फिन मित्र ने की अपील
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। सर्दियों की दस्तक के साथ ही मार्कण्डेय महादेव घाट पर गंगा नदी का क्षेत्र प्रवासी पक्षियों और गांगेय डॉल्फिन की मौजूदगी से जीवंत हो उठा है। घाट से लेकर गंगा-गोमती संगम कैथी और डॉल्फिन प्वाइंट ढाका तक विदेशी पक्षियों के झुंडों का कलरव शुरू हो गया है, जिससे नदी क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक निखर गया है।
डॉल्फिन मित्र प्रीति कुमारी साहनी ने मार्कण्डेय महादेव घाट पर दर्शनार्थियों और पर्यटकों को जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष सर्दियों में लाखों की संख्या में पक्षी दूसरे देशों से यहां आते हैं। जैसे ही तापमान गिरता है, वैसे ही साइबेरिया, चीन सहित अन्य ठंडे देशों से मेहमान परिंदों का आगमन शुरू हो जाता है। ये पक्षी दिसंबर से फरवरी तक गंगा के इस क्षेत्र में डेरा डाले रहते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों के आगमन से न केवल गंगा नदी का सौंदर्य बढ़ता है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होता है। पक्षियों का मधुर कलरव सुबह के समय पूरे क्षेत्र को मनमोहक बना देता है, जो स्थानीय नाविकों और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है।
डॉल्फिन मित्र ने कहा कि पक्षियों और गांगेय डॉल्फिन की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान से प्रशिक्षित गंगा प्रहरी, वन विभाग की टीम और डॉल्फिन मित्र लगातार निगरानी करते हैं, ताकि जलीय जीवों और पक्षियों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय लोगों से भी संरक्षण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें। स्थानीय लोगों के अनुसार इस वर्ष प्रवासी पक्षियों की संख्या और अधिक होने की संभावना है।
प्रवासी पक्षियों के आगमन से पूरा इलाका चहल-पहल से भर गया है। पर्यटक, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में गंगा और संगम क्षेत्र की सुंदरता देखने पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।




