डोंगल जमा करने के बाद लौटाने का क्रम शुरू, भुगतान को लेकर भी उठे सवाल
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चिरईगांव। ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा अपनी उपस्थिति ऑनलाइन किए जाने के शासन के फैसले का विरोध तेज होता दिख रहा है। इसी क्रम में विकास खंड के एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायत सचिवों ने सोमवार को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कमलेश कुमार सिंह के समक्ष अपने-अपने डोंगल जमा कर विरोध दर्ज कराया।
इसी बीच अमौली गांव में तैनात ग्राम पंचायत सचिव कमलेश बहादुर गोंड़ द्वारा 15 व 16 दिसंबर को ऑनलाइन माध्यम से आठ लाख रुपये से अधिक की धनराशि का भुगतान किए जाने का मामला चर्चा में रहा। उल्लेखनीय है कि कमलेश बहादुर गोंड़ ग्राम विकास/ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।
मामले पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) चिरईगांव कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को एक दर्जन से अधिक सचिवों ने डोंगल जमा किया था, लेकिन मंगलवार से उन्होंने अपने-अपने डोंगल वापस लेना शुरू कर दिया है। सचिवों का कहना है कि समन्वय समिति के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
ऑनलाइन उपस्थिति के मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत सचिवों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।




