रामपुर चंद्रावती गांव में दोहरे आत्महत्या कांड से शोक की लहर, दो मासूम बेटियों की परवरिश को लेकर चिंता
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। रामपुर चंद्रावती गांव में पति–पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने की हृदयविदारक घटना के बाद मंगलवार को पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सनीदेवल राजभर और उनकी पत्नी चांदनी राजभर का शव दोपहर बाद गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन दोनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए चंद्रावती घाट ले गए, जहां विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि मृतक के पिता शिवकुमार राजभर ने दी।
गौरतलब है कि मंगलवार की शाम सनीदेवल राजभर एवं उनकी पत्नी चांदनी राजभर ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। गांव में हर ओर मातम पसरा हुआ है और लोग दोनों की दो मासूम बेटियों—अदिति (7 वर्ष) और काजल (3 वर्ष)—की परवरिश को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया जानकारी के अनुसार सनीदेवल खेत से लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी को फांसी के फंदे पर लटका पाया। इसके बाद उन्होंने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि यह कदम क्यों उठाया गया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आ सका है। परिजनों के अनुसार न तो परिवार में किसी प्रकार का आर्थिक संकट था और न ही किसी तरह का विवाद।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दोनों के शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। मृतक के ससुराल पक्ष के लोग भी इस घटना से हतप्रभ हैं। गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। दोनों मासूम बेटियां अपनी दादी के आंचल में लेटकर बिलखती रहीं, वहीं मां दहाड़ें मारकर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं।




