151 कलश जल से किया गया महंत प्रद्युम्न मुनि जी का अभिषेक
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी) क्षेत्र के पावन मार्कण्डेय महादेव धाम, गंगा घाट कैथी में इन दिनों आस्था, तप और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विश्वकल्याण की भावना से प्रेरित होकर प्रारम्भ हुई दिव्य जलधारा तपस्या अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस तपस्या को श्री श्री 108 महंत श्री प्रद्युम्न मुनि जी महाराज अत्यंत कठोर साधना के साथ सम्पन्न कर रहे हैं।
गंगा की निर्मल धारा के सान्निध्य में गुरुवार को महंत प्रद्युम्न मुनि जी महाराज का 151 पवित्र जल कलशों से अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंख-नाद और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस दृश्य को और भी दिव्य एवं भव्य बना दिया।
उल्लेखनीय है कि यह तपस्या 25 नवम्बर से प्रारम्भ हुई थी। प्रथम दिन 11 जल कलशों से अभिषेक किया गया, जो प्रतिदिन क्रमशः बढ़ते हुए चौबीसवें दिन 151 कलशों तक पहुँचा। यह पावन साधना 5 जनवरी तक अनवरत चलती रहेगी। प्रतिदिन लगभग आठ घंटे की तपस्या के उपरांत पूजन, सत्संग, प्रवचन, कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालु सहभागी बनते हैं।
महंत प्रद्युम्न मुनि जी महाराज, जयपुर स्थित सिद्ध बाबा श्री श्री 1008 बजरंग दास जी उदासीन अखाड़े से यहाँ तपस्थली पर पधारे हैं। उनकी साधना न केवल व्यक्तिगत तप का प्रतीक है, बल्कि जनमानस में शांति, सद्भाव और विश्वकल्याण का संदेश भी प्रसारित कर रही है।
इस दिव्य आयोजन में श्यामू जी महाराज, विनोद महाराज, अमित पाण्डेय, गोपाल, प्रदीप, अवनीश, प्रभात, बादल सहित अनेक भक्तों का सहयोग उल्लेखनीय रहा। गंगा तट पर प्रवाहित होती यह जलधारा तपस्या श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही है, जो श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था की अमिट छाप छोड़ रही है।




