नैनो-उर्वरक व नवीन कृषि तकनीकों पर वैज्ञानिकों, इफको और किसानों के बीच हुआ संवाद
वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान–दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क), वाराणसी में भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) के प्रतिनिधिमंडल तथा वाराणसी क्षेत्र के 80 किसानों का एक्सपोज़र विज़िट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नैनो-उर्वरकों सहित नवीन कृषि तकनीकों का प्रदर्शन करना तथा सतत कृषि पद्धतियों में सहयोग को सुदृढ़ करना रहा।
इफको प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यतेंद्र कुमार, राज्य विपणन प्रबंधक एवं डॉ. आर. के. नायक, उप महाप्रबंधक (कृषि सेवाएँ), इफको लखनऊ ने किया। इस अवसर पर डॉ. विवेक दीक्षित, एफओ, वाराणसी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों, इफको प्रतिनिधियों और किसानों के बीच उभरती तकनीकों एवं नैनो-उर्वरकों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा कि इरी और इफको का सहयोग वैश्विक विज्ञान और स्वदेशी नवाचार के समन्वय का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि साझेदारियों के माध्यम से इरी ने विश्व की लगभग 60 प्रतिशत धान किस्मों के विकास में योगदान दिया है। इसी क्रम में इफको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे नवाचारों को आगे बढ़ा रहा है, जिनका वैज्ञानिक परीक्षण और पुष्टिकरण किया जा रहा है ताकि किसानों को खेत स्तर पर अधिकतम लाभ मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यतेंद्र कुमार ने कहा कि इफको का प्रत्येक नया उत्पाद किसानों तक पहुंचने से पहले खेतों में परीक्षण, विश्लेषण और सुधार की प्रक्रिया से गुजरता है। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पोषक तत्वों के कुशल उपयोग, अपव्यय में कमी और फसल उत्पादकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं डॉ. आर. के. नायक ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी और संतुलित पोषण सतत कृषि की आधारशिला हैं तथा नैनो-उर्वरक प्रदूषण कम करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए कृषि को संरक्षित रखने में सहायक हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत आइसार्क के वैज्ञानिक डॉ. पी. पन्नीरसेल्वम एवं डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में इरी–इफको सहयोगात्मक अनुसंधान पर तकनीकी प्रस्तुति दी गई, जिसमें संयुक्त शोध कार्यों और फील्ड ट्रायल्स की जानकारी साझा की गई। इसके बाद संवादात्मक सत्र में किसानों ने नैनो-उर्वरकों के उपयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आइसार्क की अनुसंधान सुविधाओं, नैनो-उर्वरक प्रयोगों, मैकेनाइजेशन हब तथा पुनर्योजी कृषि के प्रदर्शन प्लॉटों का अवलोकन किया। यह एक्सपोज़र विज़िट आइसार्क और इफको के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा क्षेत्र में किसानों की आजीविका सशक्त करने की प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुआ।




