चंद्रावती में धूमधाम से मना भगवान चंद्रप्रभु का जन्म व तप कल्याणक
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चंद्रावती (वाराणसी)। चंद्रपुरी तीर्थ क्षेत्र चंद्रावती में रविवार को जैन मिलन वाराणसी की ओर से जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु के जन्म एवं तप कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि काशी में जन्मे जैन तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु और भगवान पार्श्वनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक एक ही तिथि को पड़ता है। भगवान पार्श्वनाथ का महामहोत्सव बनारस में उसी दिन रथोत्सव के विशाल जुलूस के साथ मनाया जाता है, इसी कारण भगवान चंद्रप्रभु का जन्म व तप कल्याणक उनकी जन्मस्थली चंद्रावती में अगले रविवार को आयोजित किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान भगवान चंद्रप्रभु का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, नव देवता पूजन, विशेष पूजन, आरती, महाअर्घ्य अर्पण के साथ शांतिपाठ एवं विसर्जन संपन्न हुआ। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ अर्जित किया।
वीर अरविंद कुमार जैन के सौजन्य से सामाजिक सरोकार के तहत चंद्रावती एवं आसपास के गांवों के लगभग 500 बच्चों को स्कूल बैग, ड्रेस, जूता-मोजा तथा बिस्कुट के पैकेट उपहार स्वरूप वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
महामहोत्सव में जैन मिलन बनारस के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य सहित दिगंबर जैन समाज के करीब 150 पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुए। कार्यक्रम के उपरांत सभी ने सामूहिक स्वल्पाहार किया।




