कड़ाके की ठंड में इंसानों के साथ पशु भी बेहाल, इंतजाम नदारद
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने चौबेपुर क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठंड का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों के साथ-साथ पशु भी अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। सोमवार सुबह चौबेपुर कस्बे में सड़क किनारे जल रहे अलाव के पास खड़े आवारा पशु ठंड की भयावह स्थिति को बयां करते नजर आए।
ठिठुरन से बचने के लिए लोग गांवों में लकड़ी और उपलों से स्वयं अलाव जला रहे हैं। डुबकियां, सोनबरसा, मुनारी, चंद्रावती, धौरहरा, रजवाड़ी समेत आसपास के गांवों में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से न तो पर्याप्त अलाव की व्यवस्था की गई है और न ही आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष ठंड का मौसम आता है, लेकिन राहत और बचाव के इंतजाम सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं। मजबूरी में लोग खुद अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पशु भी उसी सहारे ठिठुरन से बचने को विवश हैं।
जब ठंड से इंसान ही नहीं, पशु भी परेशान हैं, तब भी जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए और आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।




