फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराते ही साइबर ठगों ने बनाई बैंक खाते तक पहुंच
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। वाहन ट्रांसफर कराने के नाम पर साइबर ठगों ने फर्जी मोबाइल ऐप का सहारा लेकर एक युवक के बैंक खाते से 1 लाख 31 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली। मामले की जानकारी होते ही पीड़ित ने चौबेपुर थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिपरी, धौरहरा निवासी राजेश कुमार यादव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी संख्या UP 65 2055 जाल्हूपुर निवासी अशोक यादव को बेची थी। 1 नवंबर को वाहन ट्रांसफर को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान चालान जांच कराने के बहाने 94549 नंबर से एक मोबाइल ऐप भेजा गया, जो बाद में पूरी तरह फर्जी निकला।
पीड़ित ने बताया कि ऐप डाउनलोड कराते ही उससे मोबाइल नंबर, आधार नंबर और एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज करवा ली गई। कुछ ही देर में ठगी का शक होने पर उसने ऐप डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक साइबर ठग बैंक खाते तक पहुंच बना चुके थे।
पीड़ित के खाते में पहले 85,600 रुपये मौजूद थे। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कुल 1,85,600 रुपये खाते में आए। 3 नवंबर को फर्जी चालान के नाम पर 54,100 रुपये खाते में जमा होते ही मात्र दो मिनट के भीतर 1,31,500 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।
घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 31111250154122 है। साइबर क्राइम कार्यालय के निर्देश पर पीड़ित ने चौबेपुर थाने में तहरीर दी।
इस संबंध में थाना प्रभारी अजित कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या मोबाइल ऐप को डाउनलोड न करें और बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी या आधार से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।




