विषैले धुएं के विरोध में हरित कोयला प्लांट के गेट पर धरना
वाराणसी। रमना स्थित कूड़ा प्लांट में बीते एक सप्ताह से लगी आग के कारण निकल रहे विषैले धुएं से आसपास के गांवों के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। इस समस्या के विरोध में रमना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को हरित कोयला प्लांट के मुख्य गेट पर धरना दिया। धरने का नेतृत्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित पटेल ने किया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 बीघा क्षेत्र में फैले कूड़े के ढेर में आग लगी हुई है, जिससे निकलने वाले जहरीले धुएं से लगभग 10 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और त्वचा व श्वसन संबंधी बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जहरीले धुएं का असर आसपास की सब्जी की फसलों पर भी पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी, एक जेसीबी तथा नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित पटेल ने आरोप लगाया कि आग लगने की शिकायत पहले ही नगर आयुक्त के जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी गई थी, लेकिन समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि शहर से रात के समय कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां जलता हुआ कूड़ा लेकर प्लांट में पहुंचती हैं, जिससे आग फैलने की स्थिति बन रही है। इस लापरवाही के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
ग्रामीणों का धरना देर शाम तक जारी रहा और उन्होंने मांग की कि कूड़ा प्लांट में लगी आग को स्थायी रूप से बुझाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की




