सम्मान, सुरक्षा और सेवा के साथ जीवन की संध्या बेला को दे रहा नया संबल
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के मुड़ली पियरी ग्राम सभा में स्थित भागीरथी वृद्ध आश्रम बुजुर्गों के लिए सम्मान, सुरक्षा और अपनत्व का मजबूत केंद्र बनकर सामने आया है। शालिनी मेमोरियल सेवा संस्थान द्वारा संचालित यह आश्रम उन वृद्धजनों के लिए संबल बना है, जो जीवन के इस पड़ाव पर देखभाल और परिवार जैसे वातावरण की तलाश में हैं।
संस्थान का उद्देश्य केवल बुजुर्गों को आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार जैसा स्नेह और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। वर्तमान में आश्रम में 5 बुजुर्ग निवास कर रहे हैं, जबकि इसकी कुल क्षमता 25 की है। ऐसे में 20 स्थान अभी भी रिक्त हैं, जिन पर जरूरतमंद और एकाकी बुजुर्गों के लिए प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है।
आश्रम में बुजुर्गों के लिए सात्विक एवं पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ व हवादार कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही भजन-कीर्तन, सत्संग जैसी आध्यात्मिक गतिविधियों का भी आयोजन होता है, जिससे बुजुर्गों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य सुदृढ़ बना रहे।
आश्रम की वित्तीय पारदर्शिता और प्रबंधन की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष आशा दीक्षित के पास है। संस्थान ने समाज के लोगों से अपील की है कि ऐसे बुजुर्गों की जानकारी साझा करें, जिन्हें सहारे और सुरक्षित आश्रय की आवश्यकता है।
संपर्क: 9415017664




