वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के असाधारण कार्यों को मिला सम्मान
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य (आईपीएस) को अपराध से जुड़े जटिल मामलों के सफल निस्तारण, शांति एवं सुदृढ़ कानून व्यवस्था कायम रखने में उनके असाधारण योगदान के लिए एक बार फिर ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक’ से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
यह सम्मान सार्वजनिक सुरक्षा, सेवा और न्याय सुनिश्चित करने के प्रति उनके गहन कर्तव्यबोध, प्रतिबद्धता और दृढ़ नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अगस्त 2024 में भी अनुराग आर्य को इसी प्रतिष्ठित पदक से नवाजा जा चुका है। रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
अनुराग आर्य मूल रूप से बागपत जनपद के निवासी हैं और वर्ष 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 2009 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से भौतिकी में बैचलर ऑफ साइंस (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की। बीएचयू के विज्ञान संकाय में जून 2006 से मई 2009 तक वे एक होनहार और प्रतिभावान छात्र रहे। छात्र जीवन के दौरान वे ब्रोचा हॉस्टल के कमरा संख्या 199 में रहते थे और पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी गहरी रुचि रखते थे।
अपने सेवा काल में अनुराग आर्य अमेठी, बलरामपुर, मऊ, प्रतापगढ़ और आजमगढ़ जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रह चुके हैं। वर्तमान में वे बरेली जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब तक उन्हें पुलिस महानिदेशक की सिल्वर डिस्क, गोल्ड डिस्क और प्लेटिनम डिस्क से भी सम्मानित किया जा चुका है।
अनुराग आर्य की इस उपलब्धि को बीएचयू सहित पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी बताते हुए विश्वविद्यालय परिवार एवं शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।




