दत्तात्रेय मठ में भव्य शास्त्रार्थ का आयोजन, छात्रों की वैदिक प्रतिभा ने मोहा मन
चौबेपुर (वाराणसी)। पावन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के शुभ अवसर पर दत्तात्रेय मठ, नारद घाट, वाराणसी में शास्त्रार्थ का एक भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर काशी की प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा के अनुरूप वैदिक एवं शास्त्रीय विद्याओं के संरक्षण और संवर्धन का सजीव दृश्य देखने को मिला।
शास्त्रार्थ सभा में विभिन्न गुरुकुलों एवं शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने संस्कृत माध्यम में व्याकरण, मीमांसा, न्याय एवं वेदांग विषयों पर शास्त्रीय शैली में तर्कपूर्ण एवं शास्त्रसम्मत प्रस्तुतियाँ दीं। छात्रों की उच्चकोटि की बौद्धिक क्षमता, अनुशासन और शास्त्रीय मर्यादा ने उपस्थित विद्वत्जनों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित आचार्यों एवं विद्वानों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के शास्त्रार्थ आयोजन न केवल सनातन वैदिक परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि भावी पीढ़ी को शास्त्रों के गहन अध्ययन एवं चिंतन के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर काशी के प्रकांड विद्वान काशी रत्न वाचस्पति डॉ. दिव्यस्वरूप ब्रह्मचारी गुरु जी, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के संकाय अध्यक्ष प्रो. शैलेश मिश्रा, विदुषी मृदुला मिश्रा सहित अनेक आचार्यगण, साधु-संत एवं धर्मप्रेमी जन उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शास्त्रार्थ आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।




