गौरी शंकर महादेव मंदिर में हुआ यज्ञ-हवन, देशभर के विद्वानों ने दी आहुतियां
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के ढाखा गांव स्थित गौरी शंकर महादेव मंदिर में सनातन और बौद्ध परंपराओं के संयुक्त विधि-विधान से पूजन एवं हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान विश्व शांति और जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
भंदहा कला में आयोजित भारतीय विद्या अध्ययन संस्थान की समीक्षा बैठक में शामिल देशभर से आए विद्वानों एवं बुद्धिजीवियों ने भी यज्ञ में आहुतियां देकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के मार्गदर्शक डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि सनातन और बौद्ध परंपराएं एक-दूसरे की पूरक हैं तथा दोनों का मूल उद्देश्य विश्व कल्याण और मानवता का उत्थान है।
इस अवसर पर बीएचयू के प्रो. उपेन्द्र त्रिपाठी, जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा और केंद्रीय तिब्बती संस्थान के प्रवक्ता तेनजिन नीमा ने दोनों दर्शनों की समानताओं पर प्रकाश डालते हुए आपसी समन्वय और सद्भाव के महत्व को रेखांकित किया।
आयोजन में गजानंद पाण्डेय, पवन पाण्डेय, प्रभुनाथ चौबे, विनय पाण्डेय, चन्दन उपाध्याय, अशोक, परमानन्द सिंह, सुनील सिंह, विवेकानंद उपाध्याय, वान्चुक दोरजी नेगी, अखिलेश चौबे, जगदीश सिंह, कैलाश यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित




