क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, 7 प्रमुख सड़कों पर होगा सघन निगरानी तंत्र
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। जनपद जौनपुर में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और मृत्यु दर को शून्य करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग तथा सेव लाइफ फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा Zero Fatality District (ZFD) योजना के अंतर्गत गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों (CC Teams) के उपनिरीक्षकों एवं मुख्य आरक्षी/आरक्षियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, प्रवर्तन कार्यवाही एवं विवेचना से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य खतरनाक मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना तथा यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना रहा।
अधिकारियों ने बताया कि जौनपुर को जीरो मृत्यु दर जनपद के रूप में चिन्हित किया गया है। इस योजना के तहत जनपद की सात प्रमुख सड़कों—एनएच-31, एनएच-731, एनएच-135ए, एनएच-128ए, एसएच-07, एनएच-319डी एवं एनएच-28—को क्रिटिकल कॉरिडोर घोषित किया गया है। इन मार्गों पर निगरानी और दुर्घटना नियंत्रण के लिए 15 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों का गठन किया गया है, जिनमें प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक और चार मुख्य आरक्षी/आरक्षी शामिल हैं।
प्रशिक्षण सत्र में सीसी टीमों के दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इनमें संवेदनशील समय पर प्रभावी चेकिंग, रात्रि में भारी वाहनों की आकस्मिक जांच, थके हुए चालकों को विश्राम की सलाह, अतिक्रमण हटवाना, खराब वाहनों को तत्काल हटाना, बॉडी वार्न कैमरा व अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, तथा ढाबों, पेट्रोल पंपों और मैरिज हालों के सामने अवैध पार्किंग पर रोक जैसे बिंदु शामिल रहे।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि क्रिटिकल कॉरिडोर में होने वाली दुर्घटनाओं की विवेचना उसी क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक द्वारा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में एनएचएआई एवं सेव लाइफ फाउंडेशन के अधिकारियों के सहयोग से जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण किया गया और उनमें सुधार के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से जौनपुर में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और जनपद को सुरक्षित यातायात का एक आदर्श मॉडल बनाया जा सकेगा।





