जांच में आरोप सही पाए गए, ग्राम प्रधान–सचिव सहित कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
बरसठी (जौनपुर)। विकास खंड बरसठी के रसूलहा गांव में स्ट्रीट लाइट और इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के नाम पर करीब 3 लाख 17 हजार 516 रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कराई गई जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत में कागजों में 51 स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने का दावा किया गया, जबकि मौके पर केवल 39 स्ट्रीट लाइटें ही पाई गईं। इनमें से भी अधिकांश खराब हालत में मिलीं। इसके बावजूद पूरे कार्य का भुगतान दर्शा दिया गया, जो सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
मामले की शिकायत रसूलहा गांव निवासी आत्माराम ने 8 अक्टूबर को खंड विकास अधिकारी बरसठी को दी थी। शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और संबंधित सीडी/पीआरडी कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को भेज दी गई है।
हालांकि रिपोर्ट भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से शिकायतकर्ता और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित कराई जाए।
जांच में वीडियो साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपों की पुष्टि हुई है। इस जांच टीम में एडीओ आईएसबी दीपक कुमार श्रीवास्तव, जेई सत्यम सिंह और तकनीकी सहायक हरि प्रकाश सिंह शामिल थे। रिपोर्ट में ग्राम प्रधान अनीता पटेल, ग्राम सचिव अमित कुमार यादव और संबंधित कर्मचारी विकास यादव की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है और दोषियों पर कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।





