MMSS इंग्लिश स्कूल का वार्षिक उत्सव बना प्रेरणा का पर्व, बच्चों की प्रतिभा से गूंजा पूरा परिसर
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। ग्रामीण अंचल में शिक्षा की अलख जगाते हुए मृत्युंजय शिक्षण संस्थान के अंतर्गत संचालित MMSS इंग्लिश स्कूल, बर्थरा खुर्द में आयोजित वार्षिक उत्सव ‘यथार्थ-2026’ ने इस वर्ष यादगार आयाम स्थापित कर दिए। शनिवार को आयोजित यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतिभा, संस्कार और आत्मविश्वास का जीवंत उत्सव बनकर उभरा।

श्रद्धेय अजय नाथ सिंह की पावन स्मृति को समर्पित इस आयोजन में छात्र-छात्राओं ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसने पूरे समारोह को गरिमामय शुरुआत दी।

देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, मनमोहक नृत्य, सामाजिक सरोकारों को दर्शाते नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। हर प्रस्तुति में बच्चों का आत्मविश्वास और मेहनत साफ झलक रही थी, जिसने कार्यक्रम को ऊर्जावान और प्रेरणादायक बना दिया।

मुख्य अतिथि अजगरा विधानसभा के विधायक मा. त्रिभुवन राम ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा ही वह शक्ति है, जो समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है।” उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के संस्थान सामाजिक विकास की मजबूत नींव रख रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे उनके भीतर नई ऊर्जा और आगे बढ़ने का उत्साह संचारित हुआ। विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर विजय भारती सिंह, वेद प्रकाश सिंह (राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश) सहित विद्यालय परिवार के अंजली सिंह, शुभम सिंह, क्रांति सिंह, डॉ. वीर बहादुर सिंह, अन्नू, जयप्रकाश पांडेय, गोपाल चौबे, गणेश सिंह, हवलदार सिंह, मुक्ति मौर्य, सोनू कन्नौजिया समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन शिवम चतुर्वेदी ने किया।

‘यथार्थ-2026’ ने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा और मंच मिले, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अपनी प्रतिभा से नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त संकेत भी बन गया।




