साप्ताहिक अवकाश, तय कार्य समय और वेतन सुरक्षा पर लागू हुए नए नियम
मजदूर दिवस पर असीम अरुण का ऐलान, कहा—अब कर्मचारियों का शोषण नहीं होगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने नए नियम लागू करते हुए कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश, तय कार्य समय और समय पर वेतन भुगतान को अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और शोषण पर रोक लगेगी।
मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार लगातार श्रमिकों और आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि नए लेबर कोड्स और प्रस्तावित “आउटसोर्स सेवा निगम” के माध्यम से कर्मचारियों के लिए छुट्टियों, काम के घंटों और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और अनिवार्य बनाया गया है।
असीम अरुण ने कहा कि नई व्यवस्था के लागू होने के बाद कर्मचारियों का शोषण संभव नहीं होगा। सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देने का निर्णय लिया है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में आउटसोर्स कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार उन्हें व्यवस्था की रीढ़ मानती है।
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना भी है। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस पर घोषित यह सुधार श्रमिकों के परिश्रम और उनके अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
सरकार की इस नई पहल से प्रदेश के लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था लागू होने से वेतन भुगतान, कार्य अवधि और छुट्टियों को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।





