बाबा बटौरा धाम के पुजारी पं. राहुल दुबे बोले — पुरुषोत्तम मास में पूजा, दान और जप का मिलता है विशेष फल
गोंडा। सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखने वाला अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) रविवार 17 मई 2026 से प्रारंभ होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। बाबा बटौरा धाम के पुजारी पंडित राहुल दुबे ने बताया कि यह पूरा माह भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की आराधना, जप-तप, दान-पुण्य तथा आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
उन्होंने कहा कि अधिक मास को “पुरुषोत्तम मास” के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति से किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। पंडित राहुल दुबे के अनुसार गीता, श्रीमद्भागवत, रामचरितमानस का पाठ, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से इस पावन माह में सात्विक जीवनशैली अपनाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अन्नदान व सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही बताया कि अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, साधना और तीर्थ दर्शन का विशेष महत्व रहता है।
पंडित राहुल दुबे ने कहा कि अधिक मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी श्रेष्ठ अवसर है। यह पावन समय व्यक्ति को भगवान की भक्ति के माध्यम से जीवन में सकारात्मकता और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।






