ल1886 के शिकागो श्रमिक आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कर्मचारियों के अधिकारों पर हुई चर्चा
वाराणसी की तीनों रेलवे शाखाओं में आयोजित हुए कार्यक्रम, कैथी में लगा आयुष्मान कार्ड शिविर
वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को वाराणसी में रेलवे कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर 1886 के शिकागो श्रमिक आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रमों में श्रमिकों के अधिकार, कार्य समय, वेतन आयोग और श्रम कानूनों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
आल इंडिया रेलवे मेंस यूनियन एवं नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के तत्वावधान में महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा के निर्देश पर वाराणसी की तीनों शाखाओं में लंच ऑवर के दौरान विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में श्रमिक अधिकारों के लिए शहादत देने वाले मजदूरों को याद किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड जटा शंकर यादव और सतीश सिंह ने की, जबकि शाखा मंत्री संतोष सिंह, डी.के. सिंह और राजकुमार के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ।
शाखा मंत्री डी.के. सिंह ने अपने संबोधन में मजदूरों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि श्रमिकों को निर्धारित कार्य समय दिलाने में मजदूर आंदोलनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने वर्तमान में लंबित पे कमीशन और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई।
वहीं कामरेड विवेक सिंह ने श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों और ट्रेड यूनियन कानूनों को कमजोर किए जाने के मुद्दे उठाए। उन्होंने कर्मचारियों के परिवार से जुड़े अधिकारों और सुविधाओं को लेकर भी अपनी बात रखी।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ द्वारा मंडल कार्यालय में मजदूर दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया।
पी.आर.के.एस. के कार्यकारी अध्यक्ष एवं एनएफआईआर के जोनल सचिव रमेश मिश्रा ने कहा कि 1886 से पहले मजदूरों के कार्य की कोई समय सीमा नहीं थी और उन्हें उचित सम्मान भी नहीं मिलता था।
उन्होंने बताया कि मजदूरों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर शिकागो में आंदोलन किया, जिसके बाद श्रमिकों की मांगों को स्वीकार किया गया और मजदूर दिवस की शुरुआत हुई।
मंडल प्रवक्ता पी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि मजदूर दिवस करोड़ों श्रमिकों के संघर्ष और अधिकारों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1 मई 1923 को मद्रास में मनाया गया था।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के लगभग 80 देशों में मजदूर दिवस मनाया जाता है और यह श्रमिक एकता का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।
विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर चोलापुर क्षेत्र के ग्रामसभा कैथी पंचायत भवन में निशुल्क आयुष्मान कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
आयोजकों ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना के तहत अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
शिविर के सफल आयोजन में अतुल सिंह, आरोग्य मित्र नवनीत चतुर्वेदी, सत्यम मौर्य और रमाकांत मिश्रा का विशेष सहयोग रहा।
इस दौरान पंचायत सहायक आंचल यादव, अर्चना राय, मंजू यादव, नीता श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, रेनू देवी, सुगना देवी और अन्य आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। ग्राम प्रधान अनीता यादव ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए ऐसे आयोजनों को ग्रामीणों के लिए लाभकारी बताया।




