महापौर अशोक तिवारी ने सबसे पहले कराया स्व-गणना पंजीकरण, नागरिकों से सहभागिता की अपील
वाराणसी। देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का शुभारंभ बुधवार को धर्मनगरी काशी से हुआ। अभियान के पहले दिन नगर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सिगरा स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। इस अवसर पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
महापौर ने कहा कि डिजिटल जनगणना आधुनिक भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रशासन के अनुसार जनगणना का पहला चरण हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग सर्वे के रूप में जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके बाद वर्ष 2027 की शुरुआत में दूसरे चरण में जनसंख्या और जातिगत आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिजिटल पोर्टल पर साझा की गई सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेंगी। किसी भी नागरिक से बैंक खाता, ओटीपी या निजी दस्तावेज जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जा रही है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि काशी को स्मार्ट और विकसित शहर बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का सही विवरण आवश्यक है। डिजिटल माध्यम से होने वाली यह जनगणना सुरक्षा, पारदर्शिता और सुगमता का बेहतर उदाहरण बनेगी।
उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग आगे आकर पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करें और राष्ट्रहित के इस महाअभियान में सहभागी बनें।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त संगम लाल एवं जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महापौर को डिजिटल पोर्टल की कार्यप्रणाली तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी भी दी।




