देवयानी बसु की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने नमो घाट को भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा
वाराणसी। नमो घाट पर आयोजित ‘काशी वंदन’ सांस्कृतिक संध्या गुरुवार को कला, संगीत और अध्यात्म का अद्भुत संगम बन गई। जिला प्रशासन वाराणसी की ओर से मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में कोलकाता की प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना देवयानी बसु ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ देवयानी बसु ने गंगा स्तुति से किया। उनकी आकर्षक मुद्राएं, भाव-भंगिमाएं और शास्त्रीय नृत्य की सौम्यता ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम की भक्ति पर आधारित प्रसिद्ध भजन ‘रामचंद्र कृपालु भजमन’ प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।
सांस्कृतिक संध्या के अगले चरण में लिंगाष्टकम स्तोत्र और अन्य भक्तिमय प्रस्तुतियों ने काशी की आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत कर दिया। नृत्य और संगीत के अद्भुत समन्वय से पूरा नमो घाट भक्तिरस में डूबा नजर आया। कार्यक्रम के समापन पर प्रस्तुत दुर्गा स्तुति ने दर्शकों को ऊर्जा और श्रद्धा से ओत-प्रोत कर दिया।
कलाकार की हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अनूप मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि ‘काशी वंदन’ सांस्कृतिक संध्या भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्म को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बन रही है।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक अंशुमान महाराज की विशेष भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी, संगीत रसिक एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




