सड़क निर्माण अधूरा छोड़ने के विरोध में आंदोलन की तैयारी, कांग्रेस नेताओं ने लगाया कमीशनखोरी का आरोप
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। कादीपुर-राजवारी वाया धौरहरा मार्ग को अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पिछले करीब तीन महीनों से सड़क को खोदकर छोड़ दिए जाने के कारण क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बिखरी गिट्टियों की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं और कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम शिकायतों के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कांग्रेस पार्टी के नेता एवं शिवपुर विधानसभा प्रभारी अशोक कुमार सिंह एडवोकेट ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य विभागीय लापरवाही और कमीशनखोरी के कारण बाधित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा कम दर पर टेंडर लेने के चलते कथित रूप से कमीशन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके कारण सड़क निर्माण कार्य रोक दिया गया।
अशोक सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं, विधायकों और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले का विकास कार्य भारी कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया है और कादीपुर-धौरहरा-राजवारी मार्ग इसका बड़ा उदाहरण बन चुका है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों में सड़क को लेकर गहरा आक्रोश है और शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं कांग्रेस नेता एवं अजगरा विधानसभा प्रभारी राजीव कुमार ‘राजू राम’ ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर धौरहरा, गरथौली, अजाव और कादीपुर क्षेत्रों में महा हस्ताक्षर एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो जिलाधिकारी वाराणसी कार्यालय के पोर्टिको में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह अन्न-जल त्यागकर आमरण अनशन पर बैठेंगे और सड़क निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली से क्षेत्र के लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और अब वे इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।




