कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय में 500 बेड के हाईटेक हेल्थ सेंटर का भूमि पूजन, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया शुभारंभ
वाराणसी। कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस एक विशाल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रविवार को पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा विधिवत भूमि पूजन और पूजा-अर्चना के साथ शुरू कराया गया।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
वर्ष 1870-75 के दौरान स्थापित यह चिकित्सालय लंबे समय से पूर्वांचल के लाखों मरीजों के उपचार का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ अस्पताल भवन जर्जर होते गए और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जाने लगी। अब पुराने ढांचे को हटाकर यहां आठ मंजिला अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।
दो टावरों में विकसित होने वाले इस विशाल अस्पताल परिसर में आधुनिक मशीनें, हाईटेक उपचार प्रणाली और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल में आईसीयू, कैंसर यूनिट, न्यूरो यूनिट और हार्ट सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
नए अस्पताल में दिल, दिमाग और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का उपचार अत्यंत कम खर्च में उपलब्ध कराने की योजना है। यहां आईसीयू बेड, आधुनिक लैब और उन्नत ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे बीएचयू अस्पताल पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
वर्तमान में 300 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल को विस्तार देकर 500 बेड का बनाया जाएगा। इसके तहत 50 से अधिक आईसीयू बेड और 100 से ज्यादा एचडीयू बेड की व्यवस्था की जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत हृदय रोग, कैंसर और न्यूरो संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए अलग सुपर स्पेशलिटी यूनिट बनाई जाएंगी। वहीं किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
बच्चों के उपचार के लिए विशेष चाइल्ड यूनिट तैयार होगी तथा निकट स्थित महिला अस्पताल में बच्चों के लिए अलग आईसीयू ब्लॉक भी बनाया जाएगा।
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि यह अस्पताल केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब बड़े संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
नए चिकित्सालय में ओपीडी, आईपीडी, प्राइवेट वार्ड, प्रिजनर वार्ड, मोर्चरी, आइसोलेशन वार्ड, पैलिएटिव केयर यूनिट, लॉन्ड्री, किचन, कैफेटेरिया, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री लैब, ब्लड बैंक और स्किल्ड लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा अस्पताल में 14 बेड का बर्न वार्ड, 15 बेड का डे-केयर यूनिट, 20 बेड का डायलिसिस सेंटर, 30 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), चार आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा एक इमरजेंसी ओटी भी बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पूर्वांचल की चिकित्सा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




