तेरहवीं संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, ममता और त्याग की याद में भावुक हुआ हर शख्स
वाराणसी। मातृ दिवस के अवसर पर जहां पूरा विश्व मां के प्रेम, त्याग और वात्सल्य को नमन कर रहा था, वहीं एक परिवार के लिए यह दिन गहरे दुख और भावनात्मक पीड़ा से भरा रहा। अखिलेश यादव (किशन) एवं अमन यादव ने अपनी पूज्य माता स्वर्गीय माया देवी की तेरहवीं संस्कार का आयोजन कर नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
घर का वह आंगन, जहां कभी मां की ममता, स्नेह और मुस्कान की गूंज सुनाई देती थी, रविवार को शोक और स्मृतियों में डूबा दिखाई दिया। तेरहवीं कार्यक्रम में पहुंचे परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रीय लोगों ने स्वर्गीय माया देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी रमाशंकर यादव (गुड्डू) अपनी पत्नी के संघर्ष, त्याग, परिवार के प्रति समर्पण और स्नेह को याद कर भावुक हो उठे। उपस्थित लोगों ने कहा कि मां केवल परिवार की सदस्य नहीं होती, बल्कि वह पूरे घर की शक्ति, संस्कार और जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा होती हैं। उनका साया उठ जाना ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती।
मातृ दिवस के दिन आयोजित यह तेरहवीं संस्कार कार्यक्रम हर व्यक्ति को भावुक कर गया। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
कार्यक्रम का समापन धार्मिक अनुष्ठान, ब्राह्मण भोज और श्रद्धांजलि सभा के साथ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ।




