चौबेपुर थाने में कई दिनों तक बैठाए जाने का आरोप, पुलिस और संस्था प्रशासन की भूमिका पर चर्चा तेज
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। डुबकियां दनियालपुर स्थित एस.ओ.एस. चिल्ड्रेन विलेज में हुई चोरी की घटना अब विवादों में घिरती जा रही है। चोरी के खुलासे के दावों के बीच नाबालिग बच्चों को थाने में बैठाकर पूछताछ किए जाने और कथित तौर पर सख्ती बरतने के आरोपों ने पुलिस एवं संस्था प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार संस्था में कार्यरत शिक्षा सहकर्मी राधा चौधरी कुछ दिन पूर्व अवकाश लेकर नई दिल्ली स्थित अपने घर गई थीं। वापस लौटने पर उन्होंने अपने कमरे का सामान बिखरा पाया। आरोप है कि कमरे से सोने की चेन, 15 से 20 हजार रुपये नकद तथा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
घटना के बाद राधा चौधरी ने संस्था के निदेशक शेखर मलाकार एवं जोनल निदेशक प्रदीप जरवाल के साथ चौबेपुर थाने पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
सूत्रों के अनुसार संस्था प्रशासन की निशानदेही पर पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन नाबालिग लड़कों समेत कुछ अन्य युवकों को हिरासत में लिया। आरोप है कि बीते कई दिनों से नाबालिग बच्चों को लगातार थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद दो बच्चों को छोड़ दिया गया, जबकि एक बालिग युवक और अन्य कुछ बच्चों को पुलिस निगरानी में रखे जाने की चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि नाबालिग बच्चों से पूछताछ के दौरान किशोर न्याय अधिनियम और बाल संरक्षण संबंधी नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बच्चे निर्दोष पाए जाते हैं तो उनके मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक बदनामी की जिम्मेदारी कौन लेगा।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई और संस्था प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक करने तथा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।




