बोले — “गौ माता के नाम पर राजनीति बंद हो, अवैध कटान पर लगे सख्त रोक”
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के भगतुआ स्थित भदीवा गांव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रश्मि पाठक के आवास पर बुधवार को आयोजित गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध धार्मिक सभा में ज्योतिर्मठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ हत्या, भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। सभा के दौरान उन्होंने कहा कि देश में गौ माता और सनातन धर्म के नाम पर राजनीति तो की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी बड़े पैमाने पर गौवंश का अवैध कटान जारी है।
सभा को संबोधित करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि चुनाव के समय नेता हिंदू धर्म, गौ रक्षा और सनातन संस्कृति की रक्षा के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हीं मुद्दों को पीछे छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गौ माता को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा प्राप्त है और शास्त्रों में गौ सेवा को पुण्य तथा गौ हत्या को महापाप बताया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में आज भी गौ हत्या हो रही है तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर सीधा आघात है।
स्वामी जी ने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि शास्त्रों में हर पाप के लिए दंड निर्धारित है। उन्होंने कहा कि गौ हत्या करने वाला ही नहीं, बल्कि उसका समर्थन करने वाला, अनुमति देने वाला और चुप रहने वाला व्यक्ति भी समान रूप से दोषी माना जाता है।
अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान राजनीति पर भी सवाल उठाए। कहा कि आज राजनीति में सिद्धांत और नैतिकता कमजोर होती जा रही है। सत्ता प्राप्त करने और उसे बनाए रखने के लिए धनबल, भ्रष्टाचार और चंदे की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनता से धर्म और संस्कृति की रक्षा का वादा किया जाता है, लेकिन बाद में उन्हीं मुद्दों को भुला दिया जाता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ माता के प्रति संवेदनशील है तो केवल भाषणों से काम नहीं चलेगा। गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कानून लागू करने होंगे और अवैध कटान करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने गौशालाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्थानों पर गौवंश भूख और बीमारी से दम तोड़ रहा है।
सभा के अंत में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण व्यवस्था है। धर्म और संस्कृति की रक्षा केवल संतों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने लोगों से गौ माता, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता अवधेश पाठक, मुन्ना पाठक, सौरभ पाठक, अखिलेश पाठक, चिंटू, विद्या शंकर त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभा के दौरान “हर-हर महादेव” और “गौ माता की जय” के जयघोष गूंजते रहे।




