30 जून से पहले ई-केवाईसी कराना हुआ अनिवार्य, नहीं तो योजना से हो सकते हैं बाहर
(रिपोर्ट : विवेक राय)
वाराणसी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अब सभी लाभार्थी किसानों के लिए वार्षिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। निर्धारित समय तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान योजना के तहत अपात्र घोषित किए जा सकते हैं तथा उनकी आगामी किस्तों पर रोक लग सकती है।
सरकार द्वारा योजना में पारदर्शिता बनाए रखने, डाटा लीक रोकने तथा केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थियों तक ही सम्मान निधि पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वार्षिक ई-केवाईसी की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अपात्र लोग योजना का लाभ न उठा सकें।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत किसान अपनी ई-केवाईसी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। इसके अलावा किसान पीएम किसान मोबाइल ऐप के जरिए फेशियल ई-केवाईसी भी कर सकते हैं। ग्राम नोडल अधिकारी एवं फील्ड कर्मियों की सहायता से भी यह प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है।
ऐसे भूमिधर किसान जो वर्ष 2019 से पहले से पात्र होने के बावजूद अभी तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, उनके लिए भारत सरकार ने पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी है। पात्र किसान पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक अमित कुमार जायसवाल ने बताया कि सभी किसान 30 जून 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। उन्होंने कहा कि समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर किसान स्वतः अपात्र की श्रेणी में आ जाएंगे और सम्मान निधि की आगामी किस्तों का भुगतान रोका जा सकता है।




