प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से सटे क्षेत्र राम नगर की हकीकत सुविधाओं के लिए दर – दर भटकने को मजबूर लोग
रामनगर (वाराणसी)। देश के प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी ने वर्षों पहले वाराणसी को जापान के क्योटो शहर की तर्ज पर विकसित करने का सपना दिखाया था। शहर में अनेक विकास परियोजनाएं भी धरातल पर उतरीं, लेकिन रामनगर क्षेत्र के भीटी स्थित शिव विहार कॉलोनी के निवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर गुहार लगाने को मजबूर हैं।
कॉलोनीवासियों द्वारा प्रधानमंत्री, सांसद कार्यालय तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भेजे गए प्रार्थना-पत्रों में बताया गया है कि दुर्गा मंदिर के पास स्थित शिव विहार कॉलोनी में लगभग 30 परिवारों के करीब 90 लोग निवास करते हैं। लोगों ने अपने मकान तो बना लिए हैं, लेकिन आज तक कॉलोनी में न तो विद्युत पोल लगाए गए, न ही नियमित विद्युत लाइन बिछाई गई। इतना ही नहीं, क्षेत्र में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाता है। सीवर लाइन न होने के कारण गंदे पानी की निकासी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात्रि में आवागमन के दौरान भय और असुविधा का सामना करना पड़ता है।
व्यंग्य यह है कि एक ओर वाराणसी को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला “क्योटो” बनाने की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर शहर से सटे इस क्षेत्र के लोग आज भी बिजली के खंभों, सीवर लाइन और पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब स्मार्ट सिटी और आधुनिक विकास की बातें हो रही हैं, तब शिव विहार कॉलोनी जैसे क्षेत्रों तक विकास की रोशनी आखिर कब पहुंचेगी?
कॉलोनीवासियों ने प्रधानमंत्री, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि क्षेत्र में शीघ्र विद्युत पोल, तार, स्ट्रीट लाइट, सीवर लाइन तथा पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाराणसी को वास्तव में क्योटो बनाना है, तो विकास की शुरुआत उन बस्तियों तक पहुंचने से होगी जहां आज भी लोग अंधेरे, कीचड़ और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं।




