पीड़िता और परिजनों ने लगाया अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, आरोपी पक्ष ने बताया जमीनी विवाद की साजिश
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी) क्षेत्र के एक गाँव में 20 दिनों से लापता 14 वर्षीय दलित छात्रा के बरामद होनें के बाद सामने आये कथित सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में नया मोड़ आ गया। एक ओर छात्रा और उसकी माँ ने अपहरण कर बंधक बनाने तथा कई दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किये जानें का आरोप लगाया तो, वहीं दूसरी ओर हिरासत में लिये गये एक युवक के परिजनों ने पूरे मामले को जमीनी विवाद से जोड़ रहे हैं, और आपसी रंजिश से जोड़ते हुये झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। मामला पहुँचा चौबेपुर थानें, पर महिलाओं नें एक दूसरे पर आरोप लगाया। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनां रहा। दोनों पक्ष अपने अपने दावों पर अड़े हुये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 मई को घर
से स्कूल जाने के लिये निकली छात्रा अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। विगत सोमवार को परिजनों को सूचना मिली कि छात्रा को एक गाँव के बंद पड़े मकान में रखा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुँचें, और मकान खुलवाकर छात्रा को बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद छात्रा ने आरोप लगाया कि तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था, और उसे लगातार अलग-अलग स्थानों पर रखा गया। छात्रा का कहना है कि इस दौरान उसे बंधक बनाकर रखा गया, साथ ही दुष्कर्म किया गया। मामले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। पीड़िता की माँ ने आरोप लगाया था
कि बेटी के लापता होने के बाद उन्होंने जिन युवकों पर संदेह जताया था। उनके नाम भी पुलिस को बताये गये थे, लेकिन शुरुआती दौर में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उनकी बेटी को इतनी लंबी पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती। माँ ने यह भी आरोप लगाया कि बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रा ने भी आरोप लगाया कि थाने में उससे एक वीडियो बनवाया गया। जिसमें उससे कहलवाया गया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। छात्रा का दावा है कि उसने वह बयान दबाव में दिया था। और लेकिन वास्तविक घटनाक्रम इससे अलग है। उधर, पुलिस
हिरासत में लिये गये, एक स्थानीय गाँव के एक आरोपी के परिजन ने पूरे मामले को झूठा बताते हुये निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि पुराने जमीनी विवाद के कारण उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उनका दावा हैकि रविवार की रात पुलिस काजू को अपने साथ लेकर गई थी। और अब उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है। वहीं एक आरोपी के घर वालों ने आरोप लगाया कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण उनके परिवार का नाम इस मामले में जोड़ा गया है। उनका कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाये तो सच्चाई सामने आ जायेगी। वहीं काजू के मामा चंदन ने कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी को दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है।




