लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने पावर हाउस पर शव रख किया प्रदर्शन, जेई निलंबित; 10 लाख रुपये की सहायता के बाद मामला शांत
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी स्थित पावर हाउस में तैनात संविदा लाइनमैन भरत लाल राजभर (40) की शनिवार देर रात बिजली लाइन पर कार्य करते समय करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतक भरत लाल राजातालाब थाना क्षेत्र के भैरोनाथ हरपुर गांव के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी चंदा देवी, बहन संगीता, पिता कल्लू तथा अन्य परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और जिस लाइन पर भरत कार्य कर रहे थे, उसी दौरान बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे यह हादसा हुआ।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को कमच्छा स्थित पावर हाउस ले आए और शव रखकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मृतक के आश्रित को नौकरी तथा पेंशन की मांग की। उनका कहना था कि भरत लाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं।
प्रदर्शन की सूचना पर भेलूपुर थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। करीब दो घंटे तक चले धरने के बाद अधीक्षण अभियंता ने भदैनी के जूनियर इंजीनियर नितेश कुमार को निलंबित करने की घोषणा की। साथ ही मृतक के परिजनों के खाते में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई। आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया और अंतिम संस्कार के लिए शव को राजातालाब ले गए।




