सुर ताल संगम के आयोजन में संगीत साधकों ने भजन एवं अमर गीतों की प्रस्तुतियों से बांधा समां, कलाकारों ने स्वर कोकिला को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था सुर ताल संगम की ओर से गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य भजन संध्या एवं स्वर कोकिला आशा भोंसले की स्मृति में चतुर्थ श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और संगीत के सुरमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों, कलाकारों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भक्ति और संगीत का आनंद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कृष्ण कुमार बाजपेई एवं श्री अजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सुर ताल संगम के प्रशिक्षुओं एवं कलाकारों ने गुरु वंदना, भजन और संगीतमय प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मधुर स्वरों और सुर-ताल से सजी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर संस्था के कलाकारों ने दिवंगत पार्श्वगायिका आशा भोंसले को उनके अमर गीतों एवं भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था की निदेशक, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी की कलाकार तथा संगीत प्रशिक्षक डॉ. जया श्रीवास्तव के नेतृत्व में अविजित श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव, राजेन्द्र नाथ, अनीता सिंह, सलीम अब्बासी, वंदना श्रीवास्तव, रमन श्रीवास्तव, शिवानी कनोजिया, हिमांशु वर्मा, नीरजा पांडेय, आनंद कुमार एवं महिला मंच की ब्रांड एम्बेसडर सीमा विरमानी सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समारोह को यादगार बना दिया।
समारोह में उपस्थित चेतना तिवारी, राधा बाजपेई, निर्मला अवस्थी, रश्मि कुमारी, उन्नति श्री, एम.एम. भाटिया, अव्युक्त, दिव्या, सौरभ सेठ, शुभम श्रीवास्तव, लीना, शालिनी, शांभवी सहित अन्य अतिथियों ने संस्था के इस सांस्कृतिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, संगीत परंपरा और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने सभी कलाकारों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के सांस्कृतिक एवं संगीत आधारित आयोजनों के माध्यम से भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दोहराया।




