90वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में लिया गया संकल्प, “सड़क से संसद तक” चलेगा सम्मान दिलाने का अभियान
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। प्रख्यात इतिहासकार, पुरातत्ववेत्ता एवं राष्ट्रचिंतक डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल की 90वीं पुण्यतिथि पर जायसवाल क्लब की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम चेयरमैन रमेश जायसवाल के नेतृत्व में श्रद्धा, सम्मान और गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इसमें समाज के प्रबुद्धजनों, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर डॉ. जायसवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक मनोज जायसवाल ने कहा कि डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल ने अपने ऐतिहासिक शोध, लेखन और राष्ट्रसेवा के माध्यम से भारतीय इतिहास को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विद्वान को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना देश की ओर से उनके योगदान का उचित सम्मान होगा। उन्होंने समाज से इस मांग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए घोषणा की कि यह अभियान “सड़क से संसद तक” पूरी मजबूती के साथ चलाया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल का योगदान इतना महत्वपूर्ण था कि उनके निधन पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी उन्हें विशेष सम्मान के साथ याद किया था। उन्होंने उपस्थित लोगों को भारत रत्न की मांग के समर्थन में एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार जायसवाल ने डॉ. जायसवाल के व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया। वहीं अजय जायसवाल ने उनके जीवन, कृतित्व और ऐतिहासिक शोध कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय इतिहास लेखन का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
कार्यक्रम में सीए ब्रजेश जायसवाल, उद्योगपति भानु जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर जायसवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज जायसवाल, सिंहासन जायसवाल, पत्रकार मुकुल जायसवाल, सुबोध जायसवाल तथा प्रमोद जायसवाल (मोहनिया) सहित अनेक वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन ऋषि जायसवाल ने किया। अंत में जायसवाल क्लब के चेयरमैन रमेश जायसवाल ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल की राष्ट्रसेवा, विचारधारा और ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल को भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने का सामूहिक संकल्प लिया।यदि चाहें, इसे दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिन्दुस्तान या राष्ट्रीय हिंदी समाचार-पत्र की शैली में भी तैयार किया जा सकता है।




