गंगा की तलहटी से निकाला गया करीब 100 किलो कपड़ा व कचरा, श्रद्धालुओं से नदी में कपड़े न छोड़ने की अपील
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। मां गंगा का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गंगा की तलहटी और घाट के किनारे से करीब 100 किलो छोड़े गए कपड़े, पॉलिथीन एवं अन्य कचरा निकाला गया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य गंगा के पर्यावरणीय संतुलन और जलीय जीवन को प्रदूषण से बचाना रहा। सफाई के दौरान एकत्र किए गए कपड़े और पॉलिथीन को वाराणसी नगर निगम की टीम को सौंप दिया गया। राजेश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के बाद जलस्तर कम होने पर घाटों की तलहटी में गाद के साथ प्लास्टिक और आस्था के नाम पर छोड़े गए पुराने कपड़े बड़ी मात्रा में जमा हो जाते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि स्नान अथवा धार्मिक अनुष्ठान के बाद कपड़े, पॉलिथीन और पूजन सामग्री गंगा में न डालें। उन्होंने कहा कि गंगा केवल जीवनदायिनी नदी ही नहीं, बल्कि देश की संस्कृति और पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों की सहभागिता और जिम्मेदारी भी आवश्यक है। अभियान के दौरान नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारी मौजूद रहे और घाट की तलहटी से निकाले गए कचरे को व्यवस्थित रूप से एकत्र किया गया।




