‘हर घर संविधान’ का संदेश, विद्यालय में स्थायी दान पेटी की शुरुआत; शिक्षा सामग्री के लिए ग्रामीणों ने बढ़ाया सहयोग
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर, वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बार्थरा खुर्द में स्वतंत्रता दिवस का पर्व सामाजिक जागरूकता और विद्यालय विकास की अनूठी पहल के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और ग्रामीणों के बीच भारत के संविधान की पुस्तकों का वितरण किया गया। साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से विद्यालय में स्थायी दान पेटी की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान बीडीसी गोपाल यादव ने बच्चों एवं उपस्थित लोगों को संविधान की पुस्तकें वितरित कीं। उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार लोग अपने घरों में गीता, रामचरितमानस, चालीसा, बाइबिल और कुरान जैसी धार्मिक पुस्तकों को सम्मानपूर्वक रखते हैं, उसी प्रकार भारत के संविधान को भी प्रत्येक नागरिक के घर में सम्मान के साथ रखा जाना चाहिए।
उन्होंने बच्चों को संविधान के मूल्यों से प्रेरणा लेने तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।
विद्यालय में बच्चों की शिक्षण सामग्री एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से बीडीसी गोपाल यादव के प्रयास से एक दान पेटी स्थापित की गई। यह दान पेटी विद्यालय में स्थायी रूप से रहेगी, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग के लिए संसाधन जुटाए जा सकें।
दान पेटी की शुरुआत के अवसर पर विद्यालय परिवार एवं उपस्थित लोगों ने स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग किया। इसमें प्रधानाध्यापक नागेश्वर राम ने ₹500, बीडीसी गोपाल यादव ने ₹500 तथा ग्राम प्रधान सुनील यादव ने ₹500 का योगदान दिया।
इसके अलावा विद्यालय के करीब 20 शिक्षकों ने ₹100 और ₹200 की राशि स्वेच्छा से देकर इस पहल में अपना सहयोग प्रदान किया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में सहभागिता की और स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझा।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक नागेश्वर राम, ग्राम प्रधान सुनील यादव, बीडीसी गोपाल यादव सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संविधान के सम्मान, शिक्षा के प्रसार और विद्यालय के विकास के लिए सामूहिक सहयोग की भावना देखने को मिली।
‘हर घर संविधान’ और विद्यालय में स्थायी दान पेटी की पहल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से जोड़ते हुए एक अलग पहचान दी।




