अनौरा दासेपुर स्थित श्री साईं सिटी परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, अतिथियों ने पौधों की देखभाल का लिया संकल्प
रिपोर्ट: विवेक राय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री साईं बाबा इंफ्रा ग्रुप की ओर से गुरुवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम श्री साईं सिटी (PMAY), अनौरा दासेपुर, हरहुआ परिसर में श्री साईं बाबा इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन संस्था के निदेशक जितेंद्र कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम में आईएफएस अधिकारी रवि कुमार सिंह मुख्य अतिथि तथा पीसीएस अधिकारी एवं एसडीएम पिंडरा कुंदन राज कपूर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कंपनी के प्रबंध निदेशक राम गोपाल सिंह ने मुख्य अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अनिल सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके नियमित संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
अभियान के दौरान श्री साईं बाबा इंफ्रा ग्रुप के पदाधिकारियों, अतिथियों, स्थानीय नागरिकों, आरएन स्कूल के छात्र-छात्राओं और सीआरपीएफ जवानों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रोहित सिंह, क्रेडाई पूर्वांचल के संरक्षक आरसी जैन, आकाश दीप, जितेंद्र सिंह, बड़ागांव थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह, आरपी सिंह, सतीश सिंह, हर्ष सिंह, रूपेश सिंह, दासेपुर ग्राम प्रधान सोनू प्रसाद और अनौरा ग्राम प्रधान दीपक चौहान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि रवि कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके जीवित रहने तक नियमित देखभाल करना भी जरूरी है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
आयोजकों के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बढ़ाना तथा समाज को हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया गया।




