हरदीपुर में बिना सूचना अनुपस्थित मिलीं प्रधानाध्यापक, पाल्हामऊ में शिक्षिका गैरहाजिर; बिना यूनिफॉर्म मिले बच्चे, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
रिपोर्ट : अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति परखने के लिए जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने शुक्रवार को करंजाकला क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पठन-पाठन, छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय हरदीपुर के निरीक्षण में प्रधानाध्यापक सकीना खातून बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनका वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच की और चावल का नमूना भी लिया। रसोई में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में खराब पड़े कंप्यूटर को तत्काल क्रियाशील कराने और दीक्षा ऐप का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के शैक्षिक स्तर की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय हरदीपुर में निरीक्षण के दौरान अधिकांश बच्चे बिना यूनिफॉर्म के मिले। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा उन्हें निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने के साथ विद्युत संबंधी कमियों को भी दूर कराने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय पाल्हामऊ में निरीक्षण के दौरान शिक्षिका कुसुम द्विवेदी अनुपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन किया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों से जुड़े संस्थानों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों में पठन-पाठन और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए तथा विद्यालयों की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों की नियमित निगरानी करते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।






