बारिश में रास्ता बन जाता है दलदल, खेतों की मेड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं नौनिहाल; ग्रामीणों ने स्थायी सड़क निर्माण की उठाई मांग
रिपोर्ट: विवेक राय
बड़ागांव (वाराणसी)। विकासखंड बड़ागांव की ग्राम सभा गजापुर स्थित दलित बस्ती के लोगों को आजादी के दशकों बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का इंतजार है। बारिश के दिनों में बस्ती तक पहुंचने वाला रास्ता पानी और कीचड़ से भर जाने के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें प्रतिदिन इसी दुर्गम रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती तक पहुंचने के लिए कोई सुगम सरकारी चकरोड उपलब्ध नहीं है। बरसात के दौरान रास्ता पूरी तरह कीचड़ और जलभराव की चपेट में आ जाता है। ऐसी स्थिति में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में बच्चे खेतों की मेड़ से होकर स्कूल जाने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस दौरान निजी बाग में जलभराव और कीचड़ के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
बस्ती के ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। इसी बीच बच्चों के कीचड़ से होकर स्कूल जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से रास्ते की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्राम प्रधान पति संतोष सिंह ने बताया कि दलित बस्ती के मौजे तक पहुंचने के लिए किसी ओर से भी सरकारी चकरोड उपलब्ध नहीं है। उनके अनुसार बस्ती तक पहुंचने के लिए सरकारी नाली मौजूद है, लेकिन उस पर बस्ती के ही कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने के कारण चकरोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
संतोष सिंह के अनुसार बस्ती तक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों से आदेश मिलने के बाद सरकारी नाली से अतिक्रमण हटवाकर उसी मार्ग से बस्ती तक रास्ते का निर्माण कराया जा सकता है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाने की मांग की है। इसके साथ ही बस्ती तक स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से स्कूली बच्चों सहित पूरी बस्ती के लोगों को बरसात के मौसम में आवागमन की परेशानी से राहत मिल सकेगी।





