लंबित मुआवजा और वर्षों से बकाया वैधानिक ब्याज के भुगतान की उठी मांग; 30 सितंबर को प्रस्तावित धरने की दी जानकारी
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी (चोलापुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (वाराणसी–आजमगढ़) से प्रभावित किसानों ने लंबित मुआवजा, वर्षों से बकाया वैधानिक ब्याज तथा अधूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित ढेरही टोल प्लाजा की टोल वसूली बंद कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण और सड़क निर्माण से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में ग्राम सभा घुड़दौड़, तहसील केराकत, जनपद जौनपुर निवासी सूर्यनाथ सिंह ने स्वयं को राष्ट्रीय राजमार्ग-233 से प्रभावित किसान बताते हुए कहा कि वर्ष 2012 से राजमार्ग निर्माण एवं भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के चलते क्षेत्र के अनेक किसान परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि राजमार्ग निर्माण के लिए उनकी भूमि अधिग्रहित की गई, लेकिन अनेक प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक मुआवजे का भुगतान नहीं हो सका। ज्ञापन में कहा गया है कि मुआवजे की प्रतीक्षा के दौरान कई बुजुर्ग एवं प्रभावित किसान अपनी मांग पूरी होते देख नहीं सके।
ज्ञापन के अनुसार, अब तक करीब 169 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान किए जाने की जानकारी है, लेकिन प्रभावित किसानों के कुछ मुआवजा प्रकरण और वर्षों से लंबित वैधानिक ब्याज का भुगतान अभी भी लंबित बताया गया है। किसानों ने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।
किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के अधूरे हिस्से का मुद्दा उठाते हुए ढेरही टोल प्लाजा से टोल वसूली स्थगित करने की मांग की है। उनका कहना है कि एक ओर सड़क निर्माण का कुछ हिस्सा अभी पूरा नहीं हुआ है, वहीं दूसरी ओर टोल वसूली की जा रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजमार्ग निर्माण के दौरान क्षेत्र में कई पुराने पेड़ों को काटा गया, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की बात किसानों ने उठाई है।
किसानों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी 21 फरवरी 2024, 15 सितंबर 2024 और 23 मार्च 2025 को धरना-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। विभिन्न बैठकों के दौरान भी किसानों और क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं को प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों के समक्ष रखा गया है।
पांच प्रमुख मांगें रखीं:
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखीं—
ढेरही टोल प्लाजा की टोल वसूली तत्काल बंद अथवा स्थगित कराई जाए।
एनएच-233 से प्रभावित सभी किसानों के लंबित मुआवजे का भुगतान कराया जाए।
वर्षों से लंबित वैधानिक ब्याज के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाए।
राजमार्ग के अधूरे हिस्से का निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रभावित किसान शामिल होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि इनमें कई बुजुर्ग किसान भी होंगे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किए जाने की बात कही गई है।
किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि धरना-प्रदर्शन से पहले ही लंबित मुआवजे, ब्याज, टोल वसूली और अधूरे राजमार्ग से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, बल्कि भूमि अधिग्रहण के बदले अपने लंबित अधिकारों और मुआवजे का भुगतान तथा सड़क निर्माण पूरा होने की मांग कर रहे हैं।




