मृदा संरक्षण एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी, 45 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। हरहुआ विकासखंड के बेनीपुर गांव में किसानों को टिकाऊ एवं कम लागत वाली खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ईको प्रिज्म कलेक्टिव फाउंडेशन (EPCF) की ओर से ‘मृदा स्वास्थ्य, संरक्षण एवं उर्वरक’ विषय पर एक दिवसीय किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 45 किसानों, विशेषकर सब्जी उत्पादकों ने भाग लिया और मृदा स्वास्थ्य तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, मृदा अपरदन रोकने, जैविक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने तथा फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की जानकारी दी। किसानों को रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर अनावश्यक निर्भरता कम करने के साथ कम लागत वाली प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मृदा वैज्ञानिक डॉ. पंकज मिश्रा एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ. शिवम चौबे ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य, उर्वरक प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों की स्थानीय कृषि परिस्थितियों से संबंधित सवालों का समाधान करते हुए खेती को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ मिट्टी बेहतर उत्पादन और कृषि लागत में कमी का महत्वपूर्ण आधार है। जैविक पदार्थों का उचित उपयोग, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायक होता है।
ईको प्रिज्म कलेक्टिव फाउंडेशन की ओर से बेनीपुर में संचालित जलवायु-सहिष्णु कृषि पहल के तहत किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य कृषि लागत कम करने, रासायनिक इनपुट पर निर्भरता घटाने तथा किसानों को मृदा संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल खेती के प्रति जागरूक करना है।




