नेशनल इक्वल पार्टी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, SIR प्रक्रिया और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर उठाए सवाल
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप सिंह के नेतृत्व में 8 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने की मांग की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनावी प्रक्रिया के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था से छेड़छाड़ की गई। पार्टी ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जायसवाल ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बहाने विपक्षी दलों के समर्थकों के मतदाता सूची से नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है। पार्टी ने इस दिशा में संघर्ष जारी रखने की बात कही।
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जायसवाल के अलावा गुलाब राजभर, जितेंद्र पटेल, राजू पटेल, अनूप अग्रहरि, बृजेश यादव, जितेंद्र प्रजापति, मनोज कुशवाहा, सोनू लाल, ज्ञानचंद्र पटेल, सतेंद्र सिंह, दिनेश यादव, महेंद्र यादव, अजय आर्या और अशोक प्रजापति सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




