बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला के नेतृत्व में डीएम कार्यालय का घेराव, एसआईआर में मतदाताओं के नाम हटाने की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यालय का घेराव कर डीएम कार्यालय के पोर्टिको में धरना दिया।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में बदलाव के कारण मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नागरिकों के नाम बाहर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने मांग की कि जब तक पूरे प्रकरण की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
अधिवक्ताओं ने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में संसद और केंद्र सरकार की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। उनका कहना था कि जब संसद या केंद्र सरकार की ओर से इस तरह का बदलाव नहीं किया गया, तो यह परिवर्तन किसके निर्देश पर हुआ। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से निष्पक्षता, पारदर्शिता और उच्च नैतिक मानदंडों के पालन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
प्रदर्शन में राजू यादव, संजय चौबे, मनमोहन गुप्ता, अनिल कुमार, राजेश त्रिपाठी, अशोक प्रजापति, शुभम प्रकाश सिंह, पवन वर्मा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।




