धर्म, आस्था और अध्यात्म का महाकुम्भ हुआ सम्पन्न

25 हजार कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ की सुगन्धि से सुगन्धित हुआ वातावरण

 

(रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)

चौबेपुर (वाराणसी) क्षेत्र के उमरहाँ स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम के पवित्र प्रांगण में विहंगम योग संत समाज के शताब्दी समारोह पर आयोजित 25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का आज विधिवत समापन हुआ। इस महायज्ञ में देश-विदेश से लाखों भक्त-शिष्यों ने अपनी व्यष्टिगत एवं समष्टिगत कामनाओं की पूर्ति के निमित्त यज्ञ-कुण्ड में आहुतियाँ प्रदान कीं। महायज्ञ के समापन अवसर पर देश-विदेश से आये लाखों भक्तों को संबोधित करते हुये।सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्र देव जी महाराज ने कहा कि आत्मोद्धार का सर्वश्रेष्ठ साधन है भक्ति। लेकिन आज की भक्ति अज्ञान एवं आडम्बरयुक्त जड़भक्ति है। जड़भक्ति से ऊपर उठकर भक्ति के चेतन पथ पर अग्रसर होनें की आवश्यकता है।

अधिकांश व्यक्तियों का जीवन अविद्या एवं अंधकार में व्यतीत हो रहा है। विहंगम योग ही विशुद्ध चेतन भक्ति है। जिसमें साधक संपूर्ण विकारों को त्यागकर आतंरिक शुद्ध स्वरूप की प्राप्ति कर लेता है। उन्होंने कहा कि जैसे कमल का पत्ता जल से ही उत्पन्न होता है और जल में ही रहता है, पर वह जल से लिप्त नहीं होता। ऐसे ही एक विहंगम योगी संसार में रहते हुए संसार के कार्यों को करते हुए भी इससे निर्लिप्त रहता है। समारोह के समापन पर भक्तों को संदेश देते हुए संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि हमारा अज्ञान ही हमारे दुखों का कारण है। कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं। अच्छाइयांँ-बुराइयांँ सबके भीतर हैं। हमें दुर्बलताओं, कठिनाइयों से घबराना नहीं है। उन कठिनाइयों को दूर करने की जो प्रेरणा, जो शक्ति, जो सामर्थ्य है वह अध्यात्म के आलोक से, स्वर्वेद के स्वर से एक साधक को अवश्य ही प्राप्त होता है। क्योंकि हमारे भीतर अंतरात्मा रूप से परमात्मा ही तो स्थित है। सन्त प्रवर श्री ने बताया कि विहंगम योग का ध्यान आंतरिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। एक साधक जब सिद्धासन में बैठकर अपनी चेतना को गुरु उपदिष्ट भूमि पर केंद्रित करता है तो वह मानसिक व आत्मिक शांति का अनुभव करता है।

मन पर नियंत्रण न होने से ही समाज में तमाम विसंगतियांँ फैली हैं। ध्यान में मानव मानवीय गुणों से मंडित होकर दिव्यगुण स्वाभाव वाला बन जाता है।वार्षिकोत्सव में आये लाखों भक्त-शिष्यों ने महाराज जी के समक्ष अपने दोनों हाँथ उठाकर विधिवत सेवा, सत्संग, साधना करने का संकल्प लिया, साथ ही विहंगम योग के प्रमुख सद्ग्रन्थ स्वर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने तथा स्वर्वेद महामंदिर के ही समीप विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज के 135 फिट से भी अधिक ऊँची प्रतिमा के निर्माण का भी संकल्प लिया । हम सबका संकल्प महान ! स्वर्वेद महामंदिर निमार्ण । विहंगम योगी करे पुकार ! अध्यात्म मूर्ति हो तैयार !!”

“संकल्प दिव्य निभाएंगे ! हम मूर्ति भव्य बनायेंगे !!”

 

इस प्रकार के दिव्य उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा और सबके अन्दर अपने गुरुदेव के प्रति श्रद्धा और आदर का भाव स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रहा था। कार्यक्रम का समापन वंदना, आरती एवं शांति पाठ के द्वारा किया गया। समापन के पश्चात् सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्रदेव जी एवं संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी के दर्शन के लिए अनुयायियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तीन दिनों तक बहती रही स्वर्वेद की अमृत ज्ञान गंगा। सभी भक्त दर्शन लाभ प्राप्त कर अपने गंतव्य स्थान को चलते रहे। इस आयोजन में प्रतिदिन निःशुल्क योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ आदि चिकित्सा पद्धतियों द्वारा कुशल चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श के साथ चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई थी। इस विशाल कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के साथ गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल, दिल्ली ,राजस्थान हरियाणा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम, आदि प्रदेशों के साथ ही भारत के अतिरिक्त अन्य देशों से लगभग डेढ़ लाख की संख्या में विहंगम योग के अनुयायी साधक पहुचकर स्वर्वेद महामन्दिर दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किये।

 

यह महा आयोजन पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा। दो दिनों तक इस महा आयोजन में सेवा, सत्संग और साधना की दिव्य त्रिवेणी बहती रही, जिसमें सभी साधकों ने खूब छककर स्नान किया और अपने आत्म-कल्याण के मार्ग पर चलने की दिव्य प्रेरणा ली।

तीन दिनों के इस महा आयोजन में लाखों की संख्या में पहुँच कर श्रद्धालुओं ने स्वर्वेद महामंदिर का दर्शन किया। स्वर्वेद महामंदिर पर आयोजित यह कार्यक्रम अपने आपमें बहुत ही दिव्य एवं भब्य रहा, जो कई महीनों तक न सिर्फ उमरहां अथवा वाराणसी में अपितु पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहेगा।

  • SHREE 7NEWS

    SHREE 7NEWS उत्तर प्रदेश के उन सभी खबरों से आप को रूबरू कराता है जिससे आप का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंध हो। हम देश की सभी बड़ी एवं छोटी खबरें को आप तक पहुंचने का हर संभव प्रयास करते हैं। SHREE 7NEWS (सच का आइना) में सिर्फ नकारत्मक खबरे ही नहीं बल्कि हम सकारत्म खबरों को लेके आते है जिससे समाज में एक सकारात्मक प्रभाव पड़े। हमारा प्रयास है, हम समाज के हर एक व्यक्ति की आवाज बने जो सोसित हो पीड़ित हो। हमारे किसी भी ख़बर से किसी को कोई भी आपत्ति हो तो अपनी शिकायत इस नम्बर पर कर सकते है 9415614652।

    Related Posts

    महापुरुषों की तस्वीरों से सजेगी स्कूलों की कक्षाएं, आशा ट्रस्ट ने शुरू की अनूठी पहल

    चौबेपुर के तीन सरकारी विद्यालयों में लगाए गए 50 महान विभूतियों के चित्र, बच्चों को देश के इतिहास और समाज सुधारकों से परिचित कराने की पहल     रिपोर्ट विरेंद्र…

    लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम, ‘Know Your Vote’ से समझाई मतदान की ताकत

    ‘मेरा युवा भारत’ वाराणसी के युवा संवाद में मताधिकार पर हुई चर्चा, श्रीजन चतुर्वेदी की प्रस्तुति ने युवाओं को किया जागरूक     रिपोर्ट: विवेक राय वाराणसी। लोकतांत्रिक व्यवस्था को…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    महापुरुषों की तस्वीरों से सजेगी स्कूलों की कक्षाएं, आशा ट्रस्ट ने शुरू की अनूठी पहल

    महापुरुषों की तस्वीरों से सजेगी स्कूलों की कक्षाएं, आशा ट्रस्ट ने शुरू की अनूठी पहल

    लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम, ‘Know Your Vote’ से समझाई मतदान की ताकत

    लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम, ‘Know Your Vote’ से समझाई मतदान की ताकत

    वाराणसी से प्रयागराज तक भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, 1000 कार्यकर्ताओं का काफिला रवाना

    वाराणसी से प्रयागराज तक भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, 1000 कार्यकर्ताओं का काफिला रवाना

    डॉ. घनश्याम सिंह पीजी कॉलेज में गूंजा युवाओं का लोकतांत्रिक स्वर, यूथ पार्लियामेंट-2027 का भव्य आयोजन

    डॉ. घनश्याम सिंह पीजी कॉलेज में गूंजा युवाओं का लोकतांत्रिक स्वर, यूथ पार्लियामेंट-2027 का भव्य आयोजन

    बकरी चोरी कर भाग रहे तीन आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़ा

    बकरी चोरी कर भाग रहे तीन आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़ा

    अभिषेक त्रिपाठी को मिली भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी

    अभिषेक त्रिपाठी को मिली भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी