पटेल जयंती की पूर्व संध्या पर ‘हिन्द के सरदार’ का पहला प्रदर्शन
चौबेपुर (वाराणसी)। देश के प्रथम गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की पूर्व संध्या पर भंदहा कला कैथी स्थित आशा लाइब्रेरी में बुधवार को सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में क्रिएटिव पपेट आर्ट्स ग्रुप द्वारा कठपुतली नाटक ‘हिन्द के सरदार’ का प्रथम प्रदर्शन किया गया।
54 मिनट की इस प्रस्तुति में 78 कठपुतलियों के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन वृत्त को जीवंत किया गया। छह कलाकारों की टीम ने यह अद्भुत नाट्य प्रस्तुति दी। नाटक के संयोजक और प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार मिथिलेश दुबे ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा कठपुतली नाटक है जो पूरी तरह पटेल जी के जीवन पर आधारित है। इसकी पटकथा राजस्थान के साहित्यकार डॉ. नरेंद्र निर्मल ने लिखी है। उन्होंने बताया कि इस नाटक की तैयारी में लगभग एक वर्ष का समय लगा और पटेल जयंती वर्ष में इसे देशभर में 150 बार मंचित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि सरदार पटेल भारतीय राजनीति के ऐसे पुरुष थे जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को अपने कर्मों से साकार किया। उन्होंने 562 रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कर देश को एक सूत्र में पिरो दिया।
नाटक में अनिल कुमार, विशाल सिंह, सुजीत कुमार, पंकज कुमार और विशाल कुमार ने सह-कलाकार के रूप में सहभागिता की। आयोजन में प्रदीप कुमार सिंह, राजकुमार पटेल, सौरभ चन्द्र, दीन दयाल सिंह, ज्योति सिंह, साधना, सरोज, श्वेता आदि का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर डॉ. विद्या सागर पाण्डेय, डॉ. शशि भूषण सिंह, गोविन्द चौबे, नीरज चौबे, श्यामाचरण पाण्डेय, सौरभ सिंह, अरुण पाण्डेय, शिवेंद्र सिंह, राम जनम, रणवीर पाण्डेय, शशि प्रकाश, मनोज यादव, रमेश प्रसाद, गोरख सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





